मां दुर्गा इस नवरात्रि हाथी पर सवार होकर आ रही हैं इसके हैं शुभ संकेत


लखनऊ:-
मां के नौ स्वरूपों के पूजन का नवरात्र 26 सितंबर से शुरू हो रहा है। सोमवार को कलश स्थापना होने के चलते इस बार मां शुभता का संदेश देंगी। मां शक्ति की उपासना अश्विन मास के प्रतिपदा से नवमी तक की जाती है। 26 सितंबर से पांच अक्टूबर तक नवरात्र है।

आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 26 सितंबर को सुबह 3:24 बजे से हो रही है और 27 सितंबर को सुबह 3:08 बजे तक रहेगी। 26 सितंबर को अश्वनी शुक्ल को घट स्थापना शुभ मुहूर्त में की जानी चाहिए। इस दिन कन्या लग्न में सुबह 5:56 बजे से 07ः35 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11ः33 से दोपहर 12ः22 बजे तक तक घट स्थापना एवं देवी का पूजन किया जा सकता है।

आचार्य अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल का शारदीय नवरात्र बेहद खास है। इस बार नवरात्रि की शुरूआत सोमवार के दिन से हो रही है। मान्यता है कि जब भी नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार से होती है, तब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। मान्यता के अनुसार, नवरात्रि में जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो ये बेहद शुभ माना जाता है।

आचार्य आनंद दुबे ने बताया कि हाथी पर सवार होकर मां दुर्गा अपने साथ ढेर सारी खुशियां और सुख-समृद्धि लेकर आती हैं। मां का वाहन हाथी ज्ञान व समृद्धि का प्रतीक है। इससे देश में आर्थिक समृद्धि आएगी। ज्ञान की वृद्धि होगी। नवरात्रि में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री की पूजा की जाती है।

ये सभी मां के नौ स्वरूप हैं. प्रथम दिन घटस्थापना होती है। शैलपुत्री को प्रथम देवी के रूप में पूजा जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रत और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। पांच अक्टूबर को विजयदशमी है।

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